Feb 18, 2020

जानिए आज के समय में सबसे ईमानदार और देशभक्त न्यूज़ वेबसाइट और चैनल कौन से हैं ?


NDTV

1- एनडीटीवी इंडिया एक हिन्दी टी वी चैनल है। यह एक समाचार चैनल है। इस टीवी चैनल का पूरा नाम न्‍यू दिल्‍ली टेलीविजन है। यह सच्चाई और ईमानदारी मैं अपना स्थान रखता है।
 जिनकी वजह से जाना और पहचाना जाता हैैैैै वह मशहूर पत्रकार रवीश कुमार हैं उनकी सच्चाई और बेबाकी को पूरा हिंदुस्तान जानता है ,एक ऐसा पत्रकार जो पत्रकारिता की इज्ज़जत और आबरू को बचाए हुए है।
2- The Wire भारतीय समाचार वेबसाइट है.




इसकी स्थापना 2015 में सिद्धार्थ वरदराजन सिद्धार्थ भाटिया और एमके वेणु द्वारा की गई थी और फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज्म (FIJ) द्वारा प्रकाशित किया गया था।
इस न्यूज़ वेबसाइट के पत्रकार ईमानदार और देशभक्त हैं मशहूर पत्रकारों में आरफा खानम हैं इनको आप जानते ही हैं, और यह न्यूज़ चैनल निडर और बेबाक होकर पत्रकारिता करता है ,
3- The Quint



the Quint, Network18 से बाहर निकलने के बाद राघव बहल और रितु कपूर द्वारा स्थापित एक अंग्रेजी और हिंदी भाषा की भारतीय समाचार वेबसाइट है।
यह एक इमानदार न्यूज़ वेबसाइट और चैनल है इसके रिपोर्टर और पत्रकार ईमानदार और सच्चाई दिखाते हैं ।
आप इस न्यूज़ वेबसाइट और चैनल से व्हाट्सएप फेसबुक मैसेंजर के द्वारा भी जुड़ सकते हैं। (Photo source Quint Twitter)

4- Scroll.in

(photo source (@scroll_in) | Twitter)
Scroll.in एक भारतीय अंग्रेजी भाषा की समाचार वेबसाइट है जिसे 2014 में एसीके मीडिया के संस्थापक समीर पाटिल और पत्रकार नरेश फर्नांडीस ने शुरू किया था।
हिंदी समाचार वेबसाइट सत्याग्रह भी Scroll.in का हिस्सा है।
यह भी एक ईमानदार और सच्ची पत्रकारिता करने वाली न्यूज़ वेबसाइट है अगर आपको सच्ची न्यूज़ और सुनना है या पढ़ना है तो यह सब वेबसाइट और न्यूज़ चैनल पर ही अपना टाइम और अपना समय खर्च करें, क्योंकि इन चैनल और वेबसाइट का उद्देश्य सच्ची पत्रकारिता और लोगों तक पहुंचाना है , पत्रकार और पत्रकारिता का एक नया चेहरा लोगों में पेश करना है। 

इसीलिए भारतीय मीडिया के इनके अलावा दूसरे चैनल जो बिकाऊ हैैैैै और सच्ची पत्रकारिता नहीं करते हैं यह सब बंद कर देना चाहिये-👇
चापलूसी , झूट , सच्चाई छुपाना, किसी मिनिस्टर के इंटरव्यू के समय उसकी तारीफ के कसीदे पढ़ना , हर एक खबर को हिन्दू मुस्लिम से जोड़ना.
ये सब बंद करके - फिर सच्चाई का साथ दें , हर एक मंत्री से बगैर डर के इंटरव्यू लें , हिन्दू मुस्लिम और पाकिस्तान छोड़ कर अपने देश की देश की पुरानी संस्कृति और विकास पर गौर करें .
नोट : अगर यह लेख अच्छा लगा हो तो दूसरों तक पहुंचाएं धन्यवाद

Feb 2, 2020

जामिया में गोली चलाने वाले तथाकथित रामभक्त गोपाल के विषय में आपकी व्यक्तिगत टिप्पणी क्या है ?

दिल्ली में चल रहे इलेक्शन में भाषण बाजी गलत भड़काऊ बयानात के कारण उसने गोली चलाई इसका अर्थ यह है कि इन सब बयानात जैसे " टुकड़े-टुकड़े गैंग" हिंदू मुसलमान"भारत-पाकिस्तान" और इस जैसे बहुत से शब्दों ने उसको इस चीज पर उकसाया है, और याद रहे कि आतंकवाद धर्म और मजहब में नहीं होता बल्कि विचारों और संस्थाओं में होता है , कोई भी बंदूक, बम उठाकर कभी भी कहीं भी हमला कर सकता है , तो इसका कारण उसका मानसिक संतुलन और उसके सुने हुए गलत भड़काऊ बयानात, और गलत शिक्षा , गलत इंफॉर्मेशन भी हो सकती है इस सब को धर्म और मजहब से नहीं जोड़ना चाहिए।

इसीलिए विचारों और शिक्षा को दुरुस्त और सही करना हमारे समाज के लिए बड़ा ही अनिवार्य हो गया है ।

अनुरोध के लिए धन्यवाद।

फोटो source Google@

भारत की अर्थ व्यवस्था और जाति व्यवस्था पर थीसिस

भारत की अर्थ व्यवस्था और जाति व्यवस्था पर प्रोफेसर दिलीप मंडल की थीसिस.
कॉपी करने पर मेरा नाम जरूर दें.
1. भारत की अर्थव्यवस्था में ठहराव है.
2. इस ठहराव की वजहें हैं.
3. इसकी प्रमुख वजह है मार्केट का और न फैलना
4. सामान खरीदने वाला वर्ग बड़ा नहीं हो रहा है.
5. मध्य वर्ग का विस्तार रुक गया है.
6. मध्य वर्ग का विस्तार सवर्ण जातियों में काफी हद तक हो चुका है.
7. अब मध्य वर्ग का विस्तार मझौली और कभी अछूत मानी गई जातियों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के नीचे के तबकों में होना है.
8. भारतीय समाज व्यवस्था इसकी इजाजत नहीं देती कि इन तबकों तक धन और समृद्धि पहुंचे।
9. बाजार चाहता है कि मध्य वर्ग का विस्तार हो. समाज व्यवस्था चाहती है कि ऐसा न हो.
10. मौजूदा दौर की सबसे बड़ी लड़ाई बाजार और जातिव्यवस्था के बीच है.
11. वंचित जातियों में मध्य वर्ग के सृजन का सबसे बड़ा उपकरण आरक्षण है.
12. समाज व्यवस्था आरक्षण का अंत चाहती है.
13. वंचित जातियों के लोग मध्य वर्ग में शामिल न हों. इसलिए आरक्षण का विरोध किया जा रहा है.
14. ऐसा करना धार्मिक दृष्टि से सही है, क्योंकि शूद्रों के धन संचय पर शास्त्रों में रोक है.
15. बाजार और आरक्षण इन दोनौं का साक्षा हमला जाति व्यवस्था पर है.
16. शहरीकरण का भी दबाव जाति व्यवस्था पर है.
17. जाति व्यवस्था अगर जीत जाती है, तो भारत दुनिया का सबसे पिछड़ा और गरीब देश बना रहेगा.
18. जाति व्यवस्था से टकराए बिना भारत की अर्थव्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकती.
19. जातिवाद को बचाना आरएसएस और ब्राह्मणवादियों  की बड़ी चिंता है क्योंकि बाजार और आरक्षण ने उसकी जड़ों को हिला दिया है.
20. इस प्रक्रिया को रोकने के लिए ही आरएसएस ने मुसलमानों का हव्वा खड़ा किया है, वरना मुसलमान शासन के दौरान सवर्ण हिंदुओं के सुख में कोई कमी नहीं आई थी.
21. जाति व्यवस्था के नाश और भारतीय मध्य वर्ग के वंचित जातियों में फैलने से ही भारतीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ सकती है.
22. जाति और बाजार का अंतर्विरोध मौजूदा दौर में भारत का प्रमुख अंतर्विरोध है.

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